[22] Democratic Humanism: A Fusion of V.P. Singh and John Dewey’s Participatory Power
V.P. Singh’s vision for India was deeply rooted in social justice, decentralized governance, and ethical leadership. His speeches and policies reflected an attempt to create
मनुवादी सोच और श्रमण परंपरा: क्षत्रियों की ऐतिहासिक विरासत का विमर्श
राजर्ष सिंह वैस हिन्दुओं के मनुवादी और संस्कृतवादी खेमे का मानना है की क्षत्रिय हमेशा से वेद, पुराण और अन्य पोथियों के हिसाब से ही
क्षत्रियों का ब्रिटिश विरोधी विद्रोह और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान : दुष्प्रचार को तोड़ते तथ्य
“दुनिया से गुलामी का मैं नाम मिटा दूंगा।एक बार ज़माने को आज़ाद बना दूंगा। बन्दे हैं ख़ुदा के सब, हम सब ही बराबर हैं,ज़र और
“Main Thansu Dur Nahin”: Maharaja Hanwant Singh Rathore, The democratic Maharaja
Maharaja Hanwant Singh Rathore, born on April 28, 1923, hailed from the illustrious Rathore clan of Rajputs, a lineage steeped in valor, tradition, and a